rs industries india se naukri chod ne ki vajah
जहां तक हर किसी का सवाल है कि हर कोई अपने फायदे के लिए चलता है
आर एस इंडस्ट्रीज इंडिया में आप एक बार दो बार तीन बार अपने जज्बातों को काबू में रख कर नौकरी कर सकते हैं लेकिन बार बार उन गलतियों को दोहराया जाए जो आपके आपको आपा से बाहर ले जाने पर मजबूर करें तब आप कितनी भी कोशिश कर ले
पहली बार
जब मैंने ESIपीएफ के दस्तावेजों को पढ़ा तब मुझे पता चला आरएस इंडस्ट्रीज इंडिया में एक तरह से बहुत बड़ा धांधली हो रहा है एक तो लोगों को कम सैलरी पर रखा जाता है गवर्नमेंट ने 8400 रुपए लागू तो कर दिया है लेकिन जमीनी स्तर पर कई कंपनियों में इस ग्रेड को नहीं दिया जाता है
लोगों को मिलता था तो महिलाओं को ₹6000 और पुरुषों को 6500 सौ रुपए उसमें से भी इस आई और पी एफ नियम के हिसाब से नहीं कटता था
अजय तिवारी के पीएफ के पैसे अट्ठारह सौ रुपए कटते हैं वह भी मुझे समझ में नहीं आया जिसकी सैलरी ₹65000 और वह अपने पीएफ के पैसे 1800 कटवा रहा हो
यानी अपना फायदा हो रहा है तो भाड़ में जाए जनता कुछ इस तरह अजय तिवारी का आर एस इंडस्ट्रीज में रोल था
जब एचआर वाला आया तो मैंने उसको अपना और कई लोगों का एक्चुअल रेट पर पैसा काटने के लिए बोला तो पहले महीने एक्चुअल रेट पर पैसा कटा मेरे भी पीएफ के पैसे 1800 काटे
उसके बाद अजय तिवारी से यह बात बर्दाश्त नहीं हुई और उसने राहुल कुमार को बोला कि मैं बताऊंगा किसके कितने यह पैसे काटने हैं
और बाकियों के किसी के पीएफआरडीए ₹100 किसी के ₹200 किसी के ₹300 में किसी के ₹500 इन सभी के बीच में कटते हैं
दूसरी बात यह थी कि हर महीने में एक या दो लोगों का एक्सीडेंट तो हो ही जाता था किसी की उंगली कट जाती थी किसी को चोट लग जाते थे लेकिन एक कंपनी में जो सुविधा होनी चाहिए वह सुविधा नहीं होती थी हाथों में ग्लव्स जो कंपनी को लाकर देना चाहिए था पुराने गलव्स से काम चलाते हैं
वह भी कबाड़ी के पास जो माल जाता है वहां से मंगाते थे यानी लोगों की सेफ्टी से कुछ नहीं लेना देना था
किसी को नौकरी पर रखा जाता था तो उसका ईएसआईसी भी नहीं बनाया जाता था
कुछ ऐसा ही हादसा जुलाई 2018 के महीने में योगेंदर के साथ हुआ जहां उसकी एक हाथ की चार उंगलियां मशीन में आने से कट गई और उस समय उसका इलाज तो प्राइवेट हॉस्पिटल से करवा दिया गया लेकिन उसका ESIC में नाम ना होने से usko benefit nahi mil paya
पहले उसको गुरिंदर जी जो की कंपनी के मालिक और अजय तिवारी के द्वारा यह कहा गया था कि आपको आपको तनख्वाह के पैसे बिना काम किए कंपनी देगी लेकिन दिवाली के समय मेरी आंखों के सामने उसको
अजय तिवारी के द्वारा उसको रोने पर मजबूर किया गया जहां उसको 2 हफ्ते के पैसे नहीं दिए गए और जब उसके साथ ऐसा हुआ तो उसने कंपनी के ऊपर केस फाइल कर दिया
अब आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कंपनी के पास किसी भी प्रकार का सबूत ही नहीं था की योगेंदर आर एस इंडस्ट्रीज में नौकरी भी करता था ना तो उसका जॉइनिंग लेटर ना उसके कहीं साइन सैलरी सीट पर एक साइन भी नहीं थे
अजय तिवारी ने मेरे सामने कहा कि कोई बात नहीं है उसकी एक साइन मिल जाए तो मैं उसके डुप्लीकेट साइन करके काम चला लूंगा
जहां लोग आप से दुखी हैं
आप अपने फायदे के लिए लोगों को दुखी कर रहे हैं जो नियम और कानून बनाए गए हैं उसका पालन नहीं कर रहे हैं
आपका जेब भरा हुआ है तो आपको लगता है कि दूसरों का भी जेब भरा हुआ होगा
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